शोधार्थियों की जिज्ञासा की आपूर्ति करेगी यह कार्यशाला: डा. अर्चना नेहरा

PMG NEWS SIRSA

LALIT KUMAR

जिज्ञासा की आपूर्ति ही है शोध: डा. तरुणा

ऐसे आयोजनों की अनुमति हेतु डीजीएचइ के प्रति विशेष आभार: प्राचार्य प्रो. राम कुमार जांगड़ा

जीसीडब्ल्यू सिरसा में हुआ तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ

शोध का किसी भी व्यक्ति विशेष, संस्था, समाज या देश के लिए विशेष महत्व है। शोध का स्तर ही विकास का द्योतक होता है। यह विचार उच्चतर शिक्षा विभाग, हरियाणा की संयुक्त निदेशिका डा. अर्चना नेहरा ने राजकीय महिला महाविद्यालय, सिरसा में आयोजित डीजीएचइ प्रायोजित अनुसंधान पद्धति विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में मुख्यातिथि के तौर पर अपने संबोधन में व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि यह कार्यशाला शोधार्थियों की जिज्ञासा की आपूर्ति करने में सफ़ल होगी। उन्होंने ऐसे आयोजन में शिरकत करने का अवसर प्रदान करने हेतु महाविद्यालय परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उपस्थितजन का आह्वान किया कि वह जीवन में सक्रियता एवं गतिशीलता को बनाए रखें। उच्चतर शिक्षा विभाग, हरियाणा के निदेशक राजीव रत्तन आईएएस के मुख्य संरक्षण, प्राचार्य प्रो. राम कुमार जांगड़ा के संरक्षण, डा. दलजीत सिंह के समन्वय, डा. हरविंदर सिंह के संयोजन व आयोजन सचिव डा. रुपिंदर कौर व प्रो. शिवानी के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. राम कुमार जांगड़ा ने की।

उद्घाटन सत्र का आगाज़ मुख्यातिथि व अध्यक्षमंडल द्वारा सरस्वती देवी के समक्ष दीप प्रज्वलन उपरांत संगीत विभागाध्यक्ष डा. यादविंदर सिंह के सान्निध्य में छात्राओं कशिश, कीर्ति, पूजा, ऊषा, कंचन व कुमकुम द्वारा सरस्वती वंदना व स्वागत गीत की ख़ूबसूरत प्रस्तुति से हुआ। कार्यशाला के समन्वयक डा. दलजीत सिंह द्वारा उपस्थितजन के स्वागत व कार्यशाला की रूपरेखा से अवगत करवाए जाने के उपरांत जीजेयू हिसार की सहायक निदेशिका डा. तरुणा ने कार्यशाला के बीज वक्तव्य की प्रस्तुति दी। डा. तरुणा ने शोध की परिभाषा, प्रकृति, क्षेत्र, विभिन्न शोध पद्धतियों व इसकी उपयोगिता से विस्तार सहित अवगत करवाया। उन्होंने शोध को जिज्ञासा की आपूर्ति बताते हुए कहा कि आमजन का कल्याण ही शोध का मुख्य उद्देश्य है।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य प्रो. राम कुमार जांगड़ा ने मुख्यातिथि डा. अर्चना नेहरा, की-नॉट स्पीकर डा. तरुणा, उपस्थित अतिथिगण, प्रतिभागियों व स्टाफ़ सदस्यों का स्वागत करते हुए ऐसे आयोजनों की अनुमति प्रदान करने हेतु डीजीएचइ के प्रति अपना विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रतिभागियों का आह्वान किया कि वह पूरी तन्मयता से इस कार्यशाला में भाग लेते हुए अनुसंधान पद्धतियों के बारे में विशेष ज्ञान अर्जित करें।

उद्घाटन सत्र के इस अवसर पर राजकीय महाविद्यालय, डिंग की प्राचार्य डा. मधु कुमारी, गोरीवाला की प्राचार्य डा. वर्षा चौधरी, रानियां के प्राचार्य प्रो. महेंद्र प्रदीप, डबवाली के प्राचार्य प्रो. श्याम लाल फुटेला, टोहाना के प्राचार्य प्रो. मदन गोपाल भाकर, जीएनसी सिरसा के उप-प्राचार्य डा. हरपाल सिंह, डा. अविनाश कंबोज, डा. गुरनाम सिंह व राजकीय महिला महाविद्यालय, सिरसा के शिक्षक व गैर-शिक्षक सदस्यों ने अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज़ करवाई। महाविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डा. हरविंदर सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यशाला में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के तीस प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन संयोजक डा. हरविंदर सिंह व आयोजन सचिव प्रो. शिवानी ने किया। उद्घाटन सत्र के समापन अवसर पर आयोजन सचिव डा. रुपिंदर कौर ने महाविद्यालय परिवार की ओर से सभी उपस्थिजन के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया।

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