अधिकारियों की लापवाही ने विद्यार्थियों को मजबूर किया आंदोलन करने के लिए, आंदोलन के दौरान रजिस्ट्रार का इस्तीफा संदेह के घेरे में विश्विद्यालय

PMG News Rohtak

आज सुपवा स्टूडेंट्स यूनिटी के आंदोलन को 67 दिन पूरे हो चुके है
विद्यार्थियों का कहना है अगर प्रशासन समाधान के लिए तैयार है तो विद्यार्थी उनसे आगे मिलेंगे क्योंकि विद्यार्थियों को अपने भविष्य की गहरी चिंता है और इसीलिए उनको आंदोलन का रास्ता मजबूरन अपनाना पड़ा था।
प्रशासन 2019 से ही मानता आया है की विद्यार्थियों की मांगे जायज और बुनियादी है लेकिन कभी भी समाधान करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है।
विद्यार्थियों ने प्रशासन को बहुत बार लिखित में अपने सुझावों दिए है जिसपर प्रशासनिक बैठक भी हो चुकी है। कुलपति महोदय का यह कथन सही नही है विद्यार्थियों के पास तथ्य मौजूद है।
विद्यार्थियों का कहना है की डीन एकेडमिक अफेयर और फैकल्टी कॉर्डिनेटर, एफ एफ टी वी की लापरवाही से विश्विद्यालय और विद्यार्थियों का भविष्य सवालों के घेरे में खड़ा हुआ है, विद्यार्थियों ने अनेकों बार डीन एकेडमिक अफेयर और फैकल्टी कॉर्डिनेटर एफ एफ टी वी से समाधान का आग्रह किया था किंतु अधिकारियों ने लापरवाही की है। सुपवा स्टूडेंट्स यूनिटी अधिकारियों पर उचित करवाई कि मांग करती है ताकि ऐसी स्थिति भविष्य में कभी पैदा न हो।
सुपवा स्टूडेंट्स यूनिटी का कहना है की आंदोलन के दौरान प्रशासन सवालों के घेरे में खड़ी होती जा रही है एक तरफ विवि प्रशासन का कहना है की वो समाधान कर चुके है लेकिन दूसरी ओर प्रशासन का लिखित में ना देना, बे बुनियाद तरीके से 94 विद्यार्थियों के नाम काट देना, विद्यार्थियों को मानवीय सुविधाओं से वंचित कर देना, रजिस्ट्रार का आंदोलन के दौरान इस्तीफा देना।।
विश्विद्यालय की स्थिति बेहद नाजुक दौर से गुजर रही है
अगर आज भी प्रशासन विद्यार्थियों के हित में समाधान करना चाहता है तो विद्यार्थी तैयार है, बशर्ते प्रशासन विद्यार्थियों को लिखित आश्वासन दे, बे बुनियाद तरीके से काटे गए 94 विद्यार्थियों का नाम वापिस ले, अंडरटेकिंग रद्द करे, अधिकारियों की लापरवाही से हुई कक्षाओं के नुकसान को पूरा करे, लापरवाह अधिकारियों पर उचित करवाही करे।
अन्यथा सुपवा स्टूडेंट्स यूनिटी अपनी मांगे पूरी होने तक कलात्मक गतिविधियों के साथ शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखेगी।

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