सुपवा स्टूडेंट्स का आंदोलन 66वे दिन भी जारी है, नहीं मिला अभी तक लिखित व पुख्ता समाधान

PMG News Rohtak

आज विद्यार्थियों के शांतिपूर्ण धरने को 66 दिन हो चुके है विद्यार्थियों को अभी तक प्रशासन की तरफ से कोई लिखित व पुख्ता जवाब नही मिल पाया है।

विद्यार्थी विश्विद्यालय के ओर से समाधान की उम्मीद में बैठे है और अपनी कक्षाओं को फिर से सुचारू रूप से चलाना चाहते है।


बीते दिनों प्रशासन की तरफ से 94 विद्यार्थियों का नाम बे बुनियाद तरीके से काट दिए गए थे जिसका कारण बताया गया था की विद्यार्थियों ने बिना किसी को जानकारी दिए बिना क्लास का बॉयकॉट कर दिया था लेकिन विद्यार्थियों का कहना है की उन्होंने हर समय पर प्रशासन को जानकारी दी गई थी जोकि उनके पास दस्तावेज मौजूद है इसलिए विद्यार्थियों का कहना है की उन्होंने किसी भी तरह से विश्विद्यालय कानून (यूनिवर्सिटी एक्ट) का उलंघन नही किया है उनके काटे गए नाम बे बुनियाद है। लेकिन सुपवा प्रशासन विद्यार्थियों पर साल खराब करने का दबाव बना रहा है। प्रशासन बिना किसी तथ्य के दुबारा दाखिला लेना और अंडरटेकिंग की मांग कर रहा है और विद्यार्थियों के आंदोलन को खारिज कर रहा है और कहना है की वो आंदोलनरत विद्यार्थियों को छूटी कक्षाओं को दोबारा नहीं दिया जाएगा। विद्यार्थियों का कहना है की प्रशासन विद्यार्थियों की सारी मांगों को जायज मानता है।

आज विद्यार्थियों ने माननीय कुलाधिपति/ गवर्नर को अपना मांग पत्र दिया और जल्द से जल्द समाधान करने का विनम्र अनुरोध पत्र के माध्यम से किया।

विद्यार्थी अपनी पढ़ाई को कलात्मक ढंग से जारी रखें हुए है विद्यार्थियों ने धरने की पाठशाला में आज की वर्कशॉप “आजादी के आंदोलन में नाटक और आज का नाटक” पर की गई जिसमे मुख्य वक्ता/अतिथि हरियाणा के जाने माने नाटककार नरेश प्रेरणा ने शिरकत की और आज़ादी के आंदोलन को बारीक ढंग से विद्यार्थियों के सामने रखा।
विद्यार्थी आंदोलन को कलात्मक ढंग से आगे बढ़ा रहे है जिसमे वे नए गीत बनाते है, कविताएं लिखते है, कक्षाएं करते है, पेंटिंग -पोस्टर बनाते है, वाद- विवाद और आलोचनात्मक ढंग से समाज को देखने की कोशिश में जुड़े हुए है। विद्यार्थी बेहतर समाज की नजर पैदा करने का काम कर रहे है।

विद्यार्थी अपनी धरने की पाठशाला को जारी रखेंगे और देश के बुद्धिजीवियों को रोहित वेमुला मंच पर आमंत्रित करेंगे।
विद्यार्थियों को जब तक लिखित व पुख्ता आश्वाशन नही मिल जाता तब तक विद्यार्थी अनिश्चितकालीन धरना जारी रखेंगे और जरूरत पड़ने पर आमरण अनशन शुरू करेंगे लेकिन री- एडमिशन या अंडरटेकिंग किसी भी सूरत में नही भरने वाले है।

विद्यार्थी आज भी जिला प्रशासन से कोई भी मानवीय सुविधा मुहैया नही करवाई गई है विद्यार्थियों के पास ना तो पानी, शौचालय, बिजली आदि की व्यवस्था नहीं है। विद्यार्थियों का आंदोलन बिना मानवीय सुविधाओं के भी संघर्ष कर रहा है और जिंदा है। विद्यार्थी किसी भी सूरत में झुकने को तैयार नहीं है वो हर परस्थिति से लड़ने के लिए मजबूती से खड़े है।।

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