स्वामी नलिनानंद गिरी महाराज ने किए नवाया श्री बाबा तारा जी की समाधि पर शीश, कहा- जब भी भारत आऊंगा कुटिया में श्री बाबा तारा जी की कुटिया में जरूर आऊंगा

PMG News Sirsa

अमेरिका से सात साल बाद सिरसा में कथा प्रवचन करने आए स्वामी श्रीनलिनानंद गिरी जी महाराज  अपने शिष्यों के साथ श्री बाबा तारा जी कुटिया पहुंचे और श्री बाबा तारा जी की समाधि पर जाकर शीश नवाया। श्री बाबा तारा जी की कुटिया की भव्यता को देखकर वे मंत्रमुग्ध और अभिभूत हुए और उन्होंने बाबा जी के हर कक्ष में जाकर शीश नवाया। उन्होंने श्री बाबा तारा जी से जुड़ी हर जानकारी हर कहानी और हर चमत्कार को ध्यान पूर्वक सुना, साथ ही उन्होंने कहा कि जुलाई माह में शिवरात्रि पर वे कथा प्रवचन करने जरूर आएंगे ऐसा भाव उनके मन में स्वयं ही पैदा हुआ है ये भी हो सकता है कि श्री बाबा तारा जी कथा प्रवचन के लिए इशारा कर रहे हो।

स्वामी नलिनानंद गिरी महाराज के साथ  आचार्य पंकज, शिष्य कुलदीप गुप्ता, सुदर्शन, सुनीता, शिखा, गौरव जैन, प्रदीप गुप्ता आदि कुटिया  परिसर स्थित एमडीएलआर कार्यालय में पहुंचे जहां श्री बाबा तारा जी की कुटिया के मुख्य सेवक गोबिंद कांंडा, इंद्रोश लक्ष्य गुज्जर, पूनम सेठी, अलिशबा ने उनका स्वागत किया।  स्वामी नलिनानंद गिरी महाराज का पटियाला में श्रीरामशरणम के नाम से आश्रम बन रहा है।  वे पिछले सात सालों से अमेरिका के मैरीलेंड में रहते है जहां पर उनका आनंदा नाम से आश्रम है। उन्हें अमेरिका में पुलिस चेपलाइन का प्रेसीडेंट चुना गया है जिन्हें व्हाइट हाऊस में मार्च 2022 में शपथ दिलाई जाएगी फिलहाल वे अमेरिकन पुलिस कर्मियों और अधिकारियों को गीता और बाइबिल का ज्ञान देते है।  वे अमेरिकी राष्टपति को भी गीता ज्ञान प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत में अंगे्रजी में कथा वाचन करने वाले संत बहुत कम है यही वजह कि बाहर के देशों में अपनी धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान लोगों तक नहंी पहुंच रहा है, वे विदेश में कथा प्रवचन कर लोगों को गीता ज्ञान प्रदान कर रहे हैं।


उन्होंने बताया कि कुटिया आने का एक प्रयोजन यह भी है कि उनका मन बार बार कुटिया आने को कर रहा था कोई दैवीय आत्मा उन्हें कुटिया जाने के लिए प्रेरित कर रही थी। उन्होंने कहा कि वे जब पहली बार कुटिया आए थे तब से अब में बहुत बदलाव हो गया है, कुटिया अब विश्व में अपनी पहचान बना चुकी है। इसके बाद उन्होंने कुटिया में जाकर पूजा अर्चना की। सबसे पहले श्री बाबा तारा जी की समाधि पर शीश नवाया और बाबा जी से जुड़ी जानकारी हासिल की।

गोबिंद कांडा ने उन्हें बाबा तारा जी के चमत्कारों के बारे में जानकारी दी तो स्वामी नलिनानंद गिरी महाराज ने कहा कि बाबा जी चैतन्य महापुरूष थे। उन्होंने शिवालय में जाकर जलाभिषेक किया किया। गोबिंद कांडा ने उन्हें शिवलिंग के बारे में पूरी जानकारी दी। उन्होंनें पूरी कुटिया का भ्रमण किया और वे वृंदावन वाटिका देखकर अति सुंदर- अति सुंंदर कहते रहे। उन्होंने गोबिंद कांडा से कहा कि वे जुलाई माह में कुटिया में कथा प्रवचन करना चाहते है क्योंकि कोई दैवीय शक्ति उन्हें कुटिया में आकर कथा प्रवचन करने के लिए प्रेरित कर रही है।

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