भारतमाला प्रोजेक्ट के विरोध में किसान लामबंद:जामनगर-अमृतसर नेशनल हाईवे के लिए खड़ी फसल पर चलाया बुलडोजर, बाजार से चार गुणा मुआवजे की मांग; नहीं घुसने दे रहे टीम को

PMG News Sirsa

शुरुआत से ही मुआवजे को लेकर विवादों में घिरे जामनगर-अमृतसर हाईवे के लिए जमीन का कब्जा लेने को प्रशासन ने खड़ी फसल पर बुलडोजर चलवाना शुरू कर दिया। राजस्थान के संगरिया और सिरसा के डबवाली एरिया में नेशनल हाईवे व प्रशासन की तरफ से ये कब्जा कार्रवाई की जा रही थी। कब्जा लेने के लिए तहसीलदार, एसडीएम भारी पुलिस बल, जेसीबी, बुलडोजर, ट्रैक्टरों के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों की खड़ी कपास की फसल पर बुलडोजर और जेसीबी चलानी शुरू कर दी। पता चलते ही इलाके के सैकडों किसानों ने कार्रवाई को रुकवाने की कोशिश की, लेकिन भारी पुलिस बल के आगे नाकाम रहे। किसानों को रोकने के लिए जमीन तक पहुंचने वाले रास्तों को भी बंद कर दिया गया था।
बता दें कि 2019 से बन रहे 1256 किलोमीटर के इस 6 लेन हाईवे के बन जाने के बाद जामनगर से अमृतसर का 26 घंटे का सफर घटकर 13 घंटे रह जाएगा। राजस्थान के संगरिया व पीलीबंगा, टिब्बी एरिया के किसानों ने बताया कि उनकी जमीन को जबरदस्ती अधिग्रहित किया जा रहा है। किसानों के अनुसार उनको मार्केट रेट 15 लाख की बजाय सिर्फ तीन लाख रुपए मुआवजा दे रहे हैं, जो किसानों ने लिया नहीं है। उसके बावजूद उनकी खड़ी फसल को रौंदा जा रहा है। अब किसानों ने प्रशासन से सिर्फ एक महीने मोहलत मांगी है, ताकि उनकी फसल को नुकसान ना हो। इसके अलावा किसानों के नहरी पानी के खाल, रास्तों को भी तोड़ दिया गया है। किसानों के अनुसार ना तो उनको मुआवजा मिला है और ना ही फसल से कोई उम्मीद है। सरका किसान परिवारों की भूखे मरने की नौबत पैदा कर दी है।

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