तीन बेटियों का बाप आठ सदस्यों का भरता था पेेट, वन विभाग की लापरवाही से लाचार

PMG News Sirsa

Sunil Nandwal

वन विभाग की लापरवाही ने छीना परिवार की आमदन का एकमात्र स्त्रोतवन विभाग सिरसा की लापरवाही की वजह से एक 8 सदस्यों के परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य अपाहिज की स्थिति में आ गया है। वह व्यक्ति रीड की हट्टी में गंभीर चोट की वजह से बैड पर पड़ चुका है और उपचार के लिए लाखों रूपये की जरूरत है लेकिन घर में खाने तक के दाने नहीं है। ऐसे में परिवार के सदस्यों ने अब जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।

दरअसल ये मामला सिरसा जिला के गांव गुडिया खेड़ा का है। गांव का लड़का ताराचंद पुत्र बिरजलाल मंडा 6 मई को बकरियांवाली गांव से अपने गांव गुडिया खेड़ा पैदल आ रहा था। रास्ते में तेज तुफान की वजह से सड़क किनारे का सूखा शीशम का ठूंठ उस पर गिर गया और उसकी कमर में गंभीर चोट आ गई। राहगीरों ने घायल युवक ताराचंद को सूखे ठूंठ के नीचे से निकाला और परिजनों को घटना के बारे में सूचना देकर उसे सिरसा के नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया जहां से पहले उसे रोहतक रेफर कर दिया।

वहां पर भी घायल का इलाज नहीं हो पाया जिसके कारण परिजन उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया जहां के चिकित्सकों ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर बताया कि रीड की हड्डी में फैक्चर है और इलाज के लिए लाखों रूपये का खर्चो आऐगा। इतने पैसे घरवालों के पास नहीं थे तो ऐसे में मरीज को वापिस घर ले आए और अब देशी वैध से इलाज घर पर ही चल रहा है लेकिन कमर से नीचे का सारा पार्ट बेजान हो चुका है।

तीन बेटियों का बाप आठ सदस्यों का भरता था पेेट, अब हुआ लाचार

वन विभाग की लापरवाही से घायल हुए ताराचंद के भाई लेखराम ने बताया कि उसके दोनों हाथ टूटे हुए हैं जिसकी वजह से वह कोई ध्याड़ी मजदूरी नहीं कर पाता है वहीं उसके मां-बाप बूढ़े हैं। उसका भाई ताराचंद राजमिस्त्री है और उसकी ध्याड़ी-मजदूरी से ही घर का खर्च चल रहा था लेकिन अब वन विभाग की लापरवाही की वजह से उनका आमदन का स्त्रोत भी फिल्हाल खत्म हो चुका है। घर में उसके अलावा ताराचंद की तीन बेटियां, उसकी बहु, मां-बाप है जो कि सिर्फ और सिर्फ ताराचंद पर ही निर्भर थे। इस दौरान गांव के लोग मनफूल सोलंखी, राजपाल मंडा, रामेश्वर, महाबीर, कर्ण सिंह, बिरजलाल, विनोद कुमार, अजीत सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि गरीब परिवार के साथ जो ये घटनाक्रम हुआ है उससे उनका आमदन का साधन खत्म हो चुका है इसलिए जिला प्रशासन व प्रदेश सरकार को चाहिए कि इस परिवार की मदद की जाए।

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