ट्यूशन फीस देने में असमर्थ अभिभावक औपचारिक पत्र देकर बनवाएं किस्त, अब जून में देनी होगी रेगुलर फीस

PMG News  Rohtak

कोरोना के संकट में ट्यूशन फीस देने को लेकर निजी स्कूल संचालकों और अभिभावकों के बीच खींचतान लगातार बनी है। दो दिन पहले अभिभावकों ने विभिन्न निजी स्कूलों की शिकायतों को लेकर रोहतक मंडल के कमिश्नर के समक्ष अपनी बात रखी तो अब निजी स्कूल संचालक भी सामने आ गए हैं। शहर के सीबीएसई और एचबीएसई बोर्ड से संबंद्ध स्कूलों के संचालकों ने एक ही मंच से अपना पक्ष रखा। स्कूल संचालकों ने कहा कि ट्यूशन फीस देने में असमर्थ अभिभावक स्कूल कार्यालय में लिखित औपचारिक प्रार्थना पत्र देकर किस्त बनवा सकते हैं। यह किस्त अगले तीन महीनों की मासिक फीस के साथ जोड़कर भी दी जा सकती है।

जून से सभी अभिभावकों को रेगुलर फीस ही देनी होगी। दरअसल, अनएडिड सीबीएसई स्कूल एसोसिएशन की गुरुवार को स्वामी नितानंद पब्लिक स्कूल में प्रेस वार्ता हुई। इसमें सीबीएसई रोहतक इकाई के प्रधान डॉ. रवि गुगनानी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 22 मई को ही नोटिस देकर स्पष्ट कर दिया था कि अभिभावकों को फार्म-6 के अनुसार ही अप्रैल व मई की ट्यूशन फीस जमा करानी पड़ेगी। अगर कोई अभिभावक फीस नहीं दे सकता तो वह स्कूल संचालक से बात कर समाधान कर सकता है। सभी निजी स्कूल संचालक सरकार के आदेशों को मानते हुए बिल्डिंग, एनुअल और किसी प्रकार का अन्य शुल्क नहीं ले रहे हैं। चंद अभिभावकों को ट्यूशन फीस से परेशानी है, उनकी शिकायतों को तर्क संगत ना पाकर अधिकारियों ने निरस्त कर दिया है।सभी तरह की लेटेस्ट विविध एवं शैक्षणिक खबरों के लिए “हरियाणा एजुकेशनल अपडेट” फेसबुक पेज ज्वाइन करें।

अभिभावक ई-मेल पर कर सकते हैं शिकायत

इस दौरान एक स्कूल के संचालक मयंक हुड्‌डा ने कहा कि अगर किसी अभिभावकों को उनकी समस्या का स्कूलों से संतोषजनक जवाब नहीं मिले तो वह ई-मेल पर अपनी शिकायत भेज सकता है। यह ई-मेल है [email protected]। यह इस एसोसिएशन की स्थाई ई-मेल है। हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के प्रधान रविंद्र नांदल ने कहा कि अभिभावक व निजी स्कूल संचालकों का गहरा रिश्ता है। कोरोना संकट की घड़ी में सभी को साथ होना चाहिए। आर्यन स्कूल, मैस्कोट, मानव रचना ग्लोबल, विद्याश्री इंटरनेशनल, शिक्षा भारती, जॉन वेस्ले, एमडीएन, पठानिया, द लिटिल श्री, आईबी, स्वामी नितानंद, आरकेपी, इंडस, संस्कृति सहित करीब 40 निजी स्कूलों के संचालक व प्राचार्य मौजूद रहे।

50 हजार विद्यार्थी ले रहे ई-शिक्षा

एसोसिएशन के सचिव अंशुल पठानिया ने कहा कि लॉकडाउन पीरियड में घर पर बैठे करीब 50,000 स्टूडेंट्स ई-शिक्षा ले रहे हैं। इनमें से केवल 22 विद्यार्थियों ने अधिकारियों के समक्ष शिकायत की, जो तर्क संगत भी नहीं थी।