18 साल बाद गूंजनी थी दो किलकारियां, मां सहित तीनों की मौत, सैंपल लिए

PMG News  सीकर/खाटूश्यामजी

परिवार में 18 साल बाद रमजान के पाक महीने में खुशियों की किलकारियां गूंजने वाली थी। आंगन में दोहरी खुशी आने वाले थी, लेकिन रविवार को वह खुशी अचानक आए काल से काफूर हो गई। खुशियों की खिलखिलाहट मातम के माहौल मे तब्दील हो गई। ब्लड प्रेशर बढऩे के चलते रविवार को हार्ट अटैक से गर्भवती की मौत के साथ उसके गर्भ में पल रही दो संतानों की मौत हो गई। इससे परिवार में मातम छा गया। चिकित्सा विभाग ने मृतका का सैंपल लेकर जांच के लिए सीकर भेजा है। खाटूश्यामजी के वार्ड 15 निवासी अनवर और उसकी पत्नी रजिया की शादी को 18 साल हो गए। संतान नहीं होने पर करीब 10 महीने पहले उन्होंने सीएचसी के प्रभारी डॉ. गोगराज निठारवाल से परामर्श लिया। चिकित्सक ने उन्हें आइवीएफ की सलाह दी। दोनों राजी हो गए और जयपुर में आइवीएफ सेंटर जाकर जांच कराकर उपचार शुरू करवाया। बादमें सोनोग्राफी कराने पर पता चला कि जुड़वा संतान है तो खुशी दोगुनी हो गई। पति अनवर सहित परिवार के सभी लोग रजिया कीअच्छे से देखभाल कर रहे थे। रविवार सुबह रजिया की ज्यादा तबीयत बिगडऩे पर अस्पताल लेकर आए जहां से उसे जयपुर लेकर जा रहे थे। लेकिन रींगस में उसने दम तोड़ दिया।



जानकारी के अनुसार अनवर पेशे से दर्जी है। माली हालात भी अच्छे नहीं रहे। इसके बावजूद भी संतान की चाह में उसने कपड़े सिल सिलकर पाई-पाई इकट्ठी की और आइवीएफ तकनीक का सहारा लिया। जिसके बाद बड़ी मुश्किल से रजिया ने गर्भ धारण किया था। लॉकडाउन में दुकान बंद होने पर वह ओर बिगड़े आर्थिक हालातों में जैसे तैसे पत्नी की सार संभाल कर रहा था। लेकिन, रविवार को उसकी सारी मेहनत-मशक्कत और खुशियों पर काल की कुचाल भारी पड़ गई।



सीएचसी प्रभारी डॉ. गोगराज निठारवाल ने बताया कि जयपुर में आइवीएफ के सफल होने से रजिया और अनवर के साथ सभी को बहुत खुशी हुई। बीपी ज्यादा होने के कारण रजिया की जयपुर में सिजेरियन डिलेवरी कराने के लिए बात भी कर ली थी। मुझे याद है जब रजिया ने ईद पर मुझे सैवया बनाकर भेजने का वादा किया था, मगर रविवार को उसकी मौत से गहरा आघात लगा।


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