SD Dadarwal की कविता कुदरत का खेल V/S महामारी

चीन देश त आई बीमारी लेकै संकट भारी
कोए कुदरत का खेल बतावै कोए कहरया स महामारी

हाथ जोड़ प्रधान सेवक बोल्या घर म रहियो सारे
कट्ठे ज़िंदगी बितेगी म्हारी जै ईब रह लिए न्यारे न्यारे
बात मान लियो मेरी प्यारे ना करियो थाम हाहाकारी
कोए कुदरत का खेल बतावै कोए कहरया स महामारी

हाथ धोए त पैंडा छुटना करियो बात प गौर दिखै
एक दूजै त दूरी बनाकै मत ना होईयो थाम बोर दिखै
चारों पासै मच्या शोर दिखै या बडी़ स लाचारी
कोए कुदरत का खेल बतावै कोए कहरया स महामारी

SD दादरवाल बतावै सुनियो खोल के कान दिखै
लॉकडाउन का करकै पालन PM का बढाईयो मान दिखै
फतेहाबाद भी करियो ध्यान दिखै या कटज्या जल्द बीमारी
कोए कुदरत का खेल बतावै कोए कहरया स महामारी

चीन देश त आई बीमारी लेकै संकट भारी
कोए कुदरत का खेल बतावै कोए कहरया स महामारी

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