पंचकूला और नारनौल की हवा सबसे अच्छी, 12 जिलों की संतोषजनक

PMG News Chandigarh

लॉकडाउन में करीब एक माह के दौरान हरियाणा के पर्यावरण में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। प्रदेश के करीब एक दर्जन जिलों की हवा पूरी तरह से साफ हो गई है। राजधानी चंडीगढ़ से सटे पंचकूला व नारनौल ने तो एयर क्वालिटी इंडेक्स के मामले में प्रदेश के सभी जिलों को पछाड़ दिया है। हरियाणा में लंबे समय के बाद ऐसा अवसर आया है जब प्रदेश के जिलों में पर्यावरण की हालत सुधरी है। हरियाणा में कोई भी शहर ऐसा नहीं है जहां लॉकडाउन के दौरान एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 से पार हुआ है।




हरियाणा में 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद 25 मार्च को लॉकडाउन शुरू हुआ था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा तय मानकों के अनुसार जिस शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स शून्य से 50 तक हो, वह सबसे अच्छी श्रेणी मानी जाती है। इसी प्रकार 51 से 100 तक एक्यूआई वाले शहर को संतोषजनक और 100 से 200 वाली श्रेणी को मध्यम तथा 200 से 300 वाली श्रेणी के शहर को गंभीर स्थिति में माना जाता है।




हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार 21 मार्च को हरियाणा का कोई भी शहर ऐसा नहीं था जिसका एक्यूआई 50 तक हो। उस दिन बल्लभगढ़, फतेहाबाद, सिरसा, नारनौल व पंचकूला ऐसे शहर थे जहां का एयर क्वालिटी इंडेक्टस 50 से 100 के बीच था। करनाल का एक्यूआई सबसे अधिक 230 रहा है। इसके अलावा लॉकडाउन से पहले गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, बहादुरगढ़ आदि हरियाणा के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में से एक रहे हैं। दूसरी तरफ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा मंगलवार को जारी की गई रिपोर्ट में पंचकूला व नारनौल का एयर क्वालिटी इंडेक्स 50 से नीचे दर्ज किया। अंबाला, भिवानी, बल्लभगढ़, भिवानी, फतेहाबाद, हिसार, कैथल, कुरुक्षेत्र, मेवात, सिरसा, यमुनानगर व रोहतक का एयर क्वालिटी इंडेक्स 100 से नीचे दर्ज किया गया है। इसके उलट जींद, करनाल, पलवल, रोहतक में लॉकडाउन के बावजूद एक्यूआई 100 से 200 के बीच रहा है। प्रदूषण बोर्ड की भाषा में इसे मध्यम श्रेणी का माना जाता है।



हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सीनियर साइंटिस्ट डॉ़ राजेश गढिया का कहना है कि पिछले करीब एक माह से लॉकडाउन के कारण आवागमन बंद है। उद्योग बंद हैं। इसके चलते 80 से 85 प्रतिशत तक पर्यावरण में सुधार हुआ है। अब पर्यावरण पूरी तरह से साफ है।



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