झकझोर देगी आपको, निक्का फौजी की कविता “सल्फिश नही था”

 

बुखा वो भी था कोई ज्यादा रईश नही था
बन्दा सेल्फी ले गया पर सेल्फिश नही था

उस ने भी अपना थोडा प्रचार बढा लिया
गरीब ने भी अपना परिवार बचा लिया
सच्चा सा लगा मुझे वो कोई 420नही था
बन्दा सेल्फी ले गया पर सेल्फिश नही था

एक थैली मे सब्जी चावल और चून था
दुसरे हाथ में उसके कैमरे वाला फोन था
मुझे देख दर्द था निक्का पर दर्द मे चीस नही था
बन्दा सेल्फी ले गया पर सेल्फिश नही था

करोना बढता अगर इन्सान घर में रूक्का नही होता
शुक्र दानवीरों का हिन्दुस्तान में कोई बुखा नही सोता
कर्ण दानी था सोचो किस कारण साथ जगदीश नही था
बन्दा सेल्फी ले गया पर सेल्फिश नही था
#Nikka

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