हरियाणा के कवि निक्का फौजी की कविता, लाहौर नही है




Nikka Foji

यहां डाक्टर को भगवान का दूत कहा जाता है
वर्दी वाले जवान को वीर सपूतै कहा जाता है
हम चाम खिच लेते है लठ्ठ को सेनेटाइज करके
लगाता है तुझे इस बात की सही सै गौर नही हैं
ये मोदी का हिन्दुस्तान है जनाब लाहौर नही है

क्या सोच के थुक दिया तुने उस पुलिसकर्मी पै
लगता ज्यादा घमंड है तुझे अन्दर की गर्मी पै
बतमिजी नर्स सै तुझे लगा पिछे कोई और नही है
ये मोदी का हिन्दुस्तान है जनाब लाहौर नही है

इज्जत करते है हम हर मजहब हर धर्म की
तू मजाक मत कर मेरे संयम और शर्म की
शर्तो मे बन्धा हूं ये मत सोच की जौर नही है
ये मोदी का हिन्दुस्तान है जनाब लाहौर नही है

सब पकडे जाऐगें भगोडे कहां भाग के जाऐगें
तुम भी रखना नजर फिर कैसे करोना फैलाऐगें
थाली बजाली निक्का अब जलानी है करना शौर नही है
ये मौदी का हिन्दुस्तान है जनाब लाहौर नही है



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