शाम पांच बजे आंसू आ गए कमाल का देश है भारत

अपील किसने की, ये मायने नहीं रखता लेकिन किसके लिए ये बहुत कमाल की बात है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक अपील से दिनभर सन्नाटे में रहा देश शाम पांच बजते ही थाली, कटोरी, चम्मच, ताली और शंखनाद की आवाज से गूंज उठा। शाम पांच बजे चिकित्सक, नर्स, पुलिस, खाध आपूर्ति, पत्रकार समेत कोरोना के संकट के बीच अपना फर्ज में जुटे लोगों के लिए पूरा देश एक साथ खड़ा हाे गया। पांच बजकर पांच मिनट पर जब पूरे शहर में टनटन की आवज सुनी तो आज एक अलग की भावनाएं उठी। सोचने लगा, कमाल का देश है। कमाल के लोग। हममें लाख बुराई होगी, हम आपस लड़ते होंगे। झगडते होंगे, आपस में दुश्मनी रखते होंगे लेकिन जब देश या देशवासी संकट में होते हैं तो पूरा देश एक मुट्‌ठी बनकर अपनी ताकत का इजहार करता है। वो देश की सेना हो या देशवासियों की जान बचाने वाले डाक्टर व नर्सिंग स्टाफ या लोगों को पल पल की खबर देने वाले पत्रकार। सभी के लिए लोगों ने आभार जताया।
अब मुझे भरोसा है कि जो देश पूरा एकजुट हो, एक साथ हो। एक विचार और बात को मानने वाला हो उस देश का एक कोरोना तो क्या ऐसे लाखों कोरोना कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

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