हरियाणवी कवयित्री संतोष कोकिला ने लिखी करोना वायरस व इससे बचाव पर कविता

Santosh Kokila

मास्क रखो मुंह पर करो दूर से प्रणाम
ना जाने कब कोरोना जीना करदे हराम….
बैरी लेले राम-राम भूल के सारी बात
अकड़ से बड्डा कोरोना है करदेगा भीतर घात…
हाथ धोओ बार बार खाओ गर्म खाना
तुलसी लोंग अदरक हल्दी खाने में अपनाना…
तुलसी गंगाजल गौमूत्र-अर्क लियो मिलाय
आधा ढक्कन इस दवा का एंटी वायरस कहलाय
उपला पतला लेकर आंच लियो सिलगाय
धूपिया घर में फेर लिए गुगल देशी जलाय….
परहेज़ से बड़ा कभी भी नहीं हुआ ईलाज
कोकिल ए सी, ठंडे से बिगड़ न जाए काज…
डटकर कर तू सामना आत्मबल अपनाए
मन के जीते जीत है सदा ही सुनते आए…

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