कनीना रेलवे स्टेशन पर गाड़ी ठहराव करवाए जाने को लेकर ज्ञापन सौंपा

PMG News Kanina

Inderjeet Sharma
कनीना रेलवे स्टेशन पर गाड़ी संख्या 22471, 22472, 12457 व 12458 का स्थाई रूप से ठहराव करवाए जाने को लेकर कस्बे के विभिन्न सामाजिक संगठनों के द्वारा मंडल प्रबंधक के नाम एक ज्ञापन कनीना स्टेशन अधीक्षक केएल शर्मा को ज्ञापन सौंपा। जिसके माध्यम से समाजसेवियों व ग्रामीणों ने बताया कि कनीना रेलवे स्टेशन के आस-पास करीब 58 गांव पड़ते है व 33 गांव रेवाड़ी जिले के है जो कनीना की सीमा के आस-पास ही लगते है। ग्रामीणों ने बताया कि कनीना स्टेशन से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोगा आवागमन करते है। लेकिन कनीना रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेनों का ठहराव न होने के चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सामाजिक संगठन बीएमडी क्लब,नगर पालिका, नेताजी सुभाष चंद्र बोस क्लब प्रधान, विनय यादव , लक्की सीगड़ा , कंवर सैंन वशिष्ठ आदि ने बताया कि कनीना रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रैस ट्रेनों के ठहराव की मांग वर्ष 2008 के बाद से लगातार चली आ रही है। लेकिन विभाग के उच्च अधिकारियों के द्वारा उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया है।
वर्ष 2008 से पूर्व सभी ट्रेनों का होता था ठहरावकनीना खंड के अन्दर अनेकों ऐसे गांव है जिनमें से 50 प्रतिशत परिवारों के लोग आर्मी व अर्ध-सैनिक बलों में तैनात है। कनीना रेवले स्टेशन पर एक्सप्रैस ट्रेनों का ठहराव न होने की वजह से इन सैनिकों को अपनी ड्यूटी पर जाने के लिए रेवाड़ी व महेंद्रगढ़ से ट्रेनों को पकड़ना पड़ता है जिसके चलते इन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वर्ष 1935 में स्थापित कनीना खास रेलवे स्टेशन पर ब्रॉड गेज बनाने से पूर्व यहां से गुजरने वाली प्रत्येक ट्रेन का ठहराव था। किंतु वर्ष 2008 में ब्रॉडगेज बनने के बाद फास्ट एवं सुपरफास्ट ट्रेनों के ठहराव स्टेशन पर बंद कर दिया गया। इस रेलवे स्टेशन से होकर रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ के बीच करीब 32 ट्रेन रोज गुजरती हैं जिनमें एक दिल्ली- सीकर एक्सप्रेस ट्रेन व 18 पैसेंजर ट्रेनों का ठहराव है। कनीना खास रेलवे स्टेशन पर सुपरफास्ट ट्रेने रूकवाने के लिए वर्ष 2008 से लगातार मांग चली आ रही है लेकिन इसका परिणाम शून्य ही रहा है। कनीना से करीब 35 किलोमीटर दूर रेवाड़ी रेलवे स्टेशन तो कनीना से 20 किलोमीटर दूर महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन पड़ता है। एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ने के लिए लोगों को यहां से महेंद्रगढ़ या रेवाड़ी स्टेशनों में से किसी एक पर जाने को मजबूर होना पड़ता है।
एक्सप्रैस ट्रेनों का ठहराव न होने से व्यापारियों को भी हो रहा है भारी नुकसान
कनीना रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रैस ट्रेनों का ठहराव न होने की वजह से व्यापारियों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बता दे कि 20 हजार के करीब आबादी वाली अकेली कनीना मंडी में 100 दुकाने तथा दर्जनभर सरकारी कार्यालय, व्यापारिक प्रतिष्ठान, बैंक एवं मार्केट कमेटी, कनीना का सामान्य बस स्टैंड, नगरपालिका कनीना, बस स्टैंड पर 500 करीब पालिका की दुकानें, पंचायत समिति की दुकाने तथा निजी दुकाने है। जिनके व्यापारियाें को अपने काम से दिल्ली जाने के लिए रेवाड़ी से गाड़ियों को पकड़ना पड़ता है जिससे उनका समय तो खराब होता ही है साथ ही आर्थिक हानि भी उठानी पड़ती है।
1935 में हुई थी कनीना रेलवे स्टेशन की स्थापना
वर्ष 1935 में मेजर भवानी सिंह कनीना के विकास पुरुष ने कनीना खास नामक रेलवे स्टेशन की स्थापना करवाने में अहम भूमिका निभाई थी। उसी वक्त कनीना की प्रसिद्ध अनाज मंडी तथा स्मॉल टाउन कमेटी की नीव रखी गई थी। यहां से गुजरने वाली प्रत्येक ट्रेन ठहराव करती थी। उस वक्त यहां से मीटर गेज रेलवे स्टेशन ट्रेक गुजरता था यह स्टेशन अपने आप में खास होता था क्योंकि यहां की अनाज मंडी दूरदराज तक प्रसिद्ध है तथा कनीना मंडी के नाम से ही कनीना को पहचान मिली है।
वर्ष 2008 में बना था ब्राॅड गेज
बतादे कि वर्ष 2007 में कनीना खास की मीटर गेज को ब्रॉडगेज में परिवर्तित करने की योजना बनी और करीब 1 वर्ष बाद ही ब्रॉडगेज बनकर तैयार हो गई। 17 सितंबर 2008 को इस रूट पर ट्रेन सेवा शुरू हो गई थी। वर्ष 2008 में नई ट्रेन चलने का सिलसिला जारी रहा किंतु केवल एक सुपरफास्ट एवं सभी पैसेंजर ट्रेनों का ठहराव करने लगी और लोगों को अपनी मीटर गेज सेवा याद आने लगी। वर्तमान में कनीना खास रेलवे स्टेशन से होकर 32 ट्रेन हर रोज आती व जाती हैं जिनमें से 7 सुपरफास्ट व फास्ट आती व जाती है वही 7 एक्सप्रेस 9 पैसेंजर ट्रेन है जो कि आती व जाती है एक एक्सप्रेस ट्रेन सीकर- दिल्ली आते जाते समय रुकती है। वही सभी पैसेंजर ट्रेन कनीना खास रेलवे स्टेशन पर रूकती है। इस तरह कुल 32 ट्रेनों का रोजाना आना जाना बना रहता है। लेकिन सभी एक्सप्रैस ट्रेनों का ठहराव न होने से यहां के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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